
कि जैसे-तैसे मैं आ गया इस बीच
कि अब जैसे-तैसे ही बड़ा हो जाऊँगा,
उन जैसे-तैसों के बीच रहकर
कि जैसे-तैसे दिन गुज़ार कर
मैं भी लूँगा जैसे-तैसे एक दिन अपनों से विदा,
बाकी पीछे छूट गए जैसे-तैसों की तरह ही
कि आह, मैं भी इक जैसे-तैसे चल रहे देश की
इक जैसी-तैसी संतान कहलाऊंगा
नहीं जानता
पर चाहता हूँ
कि जैसे-तैसे सही
यह सूरत
आगे आने वालों के लिए
बदली-बदली सी हो
ताकि न आये फिर इस बीच
मुझ जैसा कोई जैसा-तैसा |




